अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

 

प्रश्‍न:1. पहली चीज जो की जानी चाहिए वह है पासवर्ड को बदलना। यह एक बहुत ही जटिल प्रक्रिया है। इस बारे में किसी प्रकार का मार्गदर्शन नहीं है कि पासवर्ड में कितने चिह्न (केरेक्‍टर्स), संख्‍याएं या चिह्न (केरेक्‍टर), बड़े या छोटे अक्षरों का उपयोग किया जाना चाहिए। अत: व्‍यक्ति को परीक्षण तथा चूक विधि के माध्‍यम से कार्य करना पड़ता है और जिसके कारणवश कई प्रयासों के बाद वह लॉगआउट करता है।

उत्‍तर: वर्तमान पासवर्ड से लॉग-इन करने के बाद पासवर्ड को ऊपर दाहिनी ओर मौजूद लॉक आइकॉन पर क्लिक करके बदला जा सकता है।

प्रश्‍न:2 इस बात का चयन करना पड़़ता है कि किस पोजीशन के लिए व्‍यक्ति रजिस्‍टर करेगा। बहुत सारे मामलों में, एक व्‍यक्ति का सी वी विभिन्‍न परियोजनाओं की विभिन्‍न पोजीशनों के लिए उपयोग किया जा सकता है। मेरे मामले में, मेरा सी वी सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ, यातायात विशेषज्ञ, परिवहन योजनाकर्ता, परिवहन मॉडलर एवं परिवहन अर्थ-विशेषज्ञ एवं यथोचित अन्‍य भूमिकाओं के लिए उपयोग किया जा सकता है। ऐसे मामलों में कोई क्‍या करेगा?

उत्‍तर: पंजीकरण (रजिस्‍ट्रेशन) उस स्थिति से स्‍वतंत्र है जिसे कोई व्‍यक्ति भविष्‍य में हासिल करना चाहता है। एक बार अपलोड किए जाने के बाद व्‍यक्तिगत विवरणों का अभिप्रेत (इंटेन्‍डेड) पोजीशन के लिए अनुबंधित आवश्‍यकताओं के संदर्भ में प्रणाली द्वारा परीक्षण किया जाएगा।

प्रश्‍न:3 प्रमाण-पत्र वाले सेक्‍शन में क्‍या सभी प्रमाण-पत्र अपलोड किए जाने हैं? यदि किसी ने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूर्ण किया हो लेकिन प्रमाण-पत्र उपलब्‍ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में क्‍या होगा ?

उत्‍तर: जहां पर अनुभव प्रमाण-पत्र उपलब्‍ध नहीं है वहां पर डाटा की प्रामाणिकता के संबंध में स्‍व-घोषित प्रमाण-पत्र अपलोड किया जाए।

प्रश्‍न:4 शिक्षा के सेक्‍शन में सटीक% उपलब्‍ध नहीं है, सीजीपीए के बारे में क्‍या कहना है ? % को आप कैसे परिवर्तित करेंग? समान आशय प्रदान नहीं करता है।

उत्‍तर: प्रेक्षणों पर ध्‍यान दिया जा रहा है। तब तक, पहले दशमलव तक सीजीपीए प्रतिशत के स्‍थान पर प्रवि‍ष्‍ट किया जाए।

प्रश्‍न:5 शिक्षा के सेक्‍शन के तहत-परास्‍नातक उपाधि में सिविल अभियांत्रिकी में विज्ञान परास्‍नातक के लिए कोई विकल्‍प मौजूद नहीं है। वहां पर अन्‍य शीर्षक का एक बॉक्‍स होना चाहिए जिसमें व्‍यक्ति स्‍पष्‍टता से अपनी उपाधि का नाम लिख सके।

उत्‍तर: प्रेक्षणों पर ध्‍यान दिया जा रहा है।

प्रश्‍न:6 अनुभव- में पूर्ण की गई परियोजनाओं की संख्‍या का उल्‍लेख है। हो सकता है किसी ने एक परियोजना-चक्र के एक हिस्‍से पर ही कार्य किया हो, यह आवश्‍यक नहीं कि उसने इसे पूरा किया हो। क्‍या उन परियोजनाओं की संख्‍या लिखी जा सकती है जिनमें कार्य किया गया हो ?

उत्‍तर: केवल पूर्ण परियोजनाओं की सूचना प्रदान की जानी चाहिए।

प्रश्‍न:7 पते के लिए दो बॉक्‍स दिए गए हैं। एक ग्राहक के पते के लिए है। दूसरा पता किसके लिए है ?

उत्‍तर: दूसरा नियोक्‍ता के पते के लिए है।

प्रश्‍न:8 दस्‍तावेज आवश्‍यक हैं। क्‍या ये कार्य समापन प्रमाण-पत्र हैं ? ग्राहक से कार्य समापन प्रमाण-पत्र प्राप्‍त करना बहुत ही कठिन है। यदि किसी ने एक कंपनी में कार्य किया है तो कंपनी सिर्फ कार्य की अवधि और पदनाम के संबंध में प्रमाण-पत्र प्रदान करेगी। बिरले ही वे इन परियोजनाओं का उल्‍लेख करते हैं जिनमें काम किया गया है।

उत्‍तर: दस्‍तावेज, अनुभव प्रमाण-पत्र या स्‍व-घोषित प्रमाण-पत्र हो सकते हैं।

प्रश्‍न:9 जिन परियोजनाओं के प्रकार का चयन किया जाना है वे हैं- पुल, सुरंग एवं राजस्‍व कार्य। वास्‍तव में राजस्‍व कार्य क्‍या है ? बहुत सी अन्‍य प्रकार की परियोजनाएं हो सकती हैं जैसे शहरी परिवहन, क्षेत्रीय विकास आदि जहां पर पुल एवं सड़कें उनका एक हिस्‍सा हैं। ऐसी परियोजनाओं के लिए कोई व्‍यक्ति किस प्रकार से अर्हता प्राप्‍त करेगा।

उत्‍तर: राजस्‍व कार्य, प्रस्‍ताव हेतु अनुरोध (आरएफपी) दस्‍तावेज में राजस्‍व विशेषज्ञ के लिए अनुबंधित कार्य अनुभव से संबंधित है।

प्रश्‍न:10 सरकारी विभाग में अनुभव के संबंध में क्‍या कहना है जहां पर व्‍यक्ति एक विकास परियोजना में काम करता है जिसमें बहुत सारे पक्ष शामिल होते हैं।

उत्‍तर: परियोजना के प्रकार को दी गई चार श्रेणियों में वर्गीकृत करने की आवश्‍यकता है जो कि राजमार्ग परियोजनाओं की प्रकृति से सम्‍बद्ध हैं तथा जिनके लिए इनफ्राकॉन विकसित किया गया है।

प्रश्‍न:11 परियोजनाओं के दिए गए विकल्‍पों में अभियांत्रिकी, प्रापण एवं निर्माण (ईपीसी) या सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की सहभागिता (पीपीपी) है। यह केवल परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन पर लागू होता है। प्रचालन, अनुरक्षण, पुनर्वास, प्रबंधन की योजना या डिजाइन या अध्‍ययन या किसी अन्‍य संयोजन के बारे में क्‍या कहना है ?

उत्‍तर: सभी सार्वजनिक वित्‍त पोषित परियोजनाएं अभियांत्रिकी, प्रापण एवं निर्माण (ईपीसी) के अंतर्गत एवं शेष सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की सहभागिता (पीपीपी) के अंतर्गत आएंगी।

प्रश्‍न:12 सभी विशिष्‍ट शब्‍दों (टर्म्‍स) के संबंध में स्‍पष्‍टीकरण दिया जाना चाहिए जिससे कि यह निश्चित हो सके कि क्‍या मांगा गया है ?

उत्‍तर: उपयोग किए गए सभी विशिष्‍ट शब्‍द (टर्म्‍स) स्‍वत: स्‍पष्‍ट हैं एवं राजमार्ग परियोजनाओं के क्षेत्र में सर्वविदित हैं।

प्रश्‍न:13 किए गए कार्य को सुरक्षित (सेव) करने के लिए कोई विकल्‍प मौजूद नहीं है, केवल प्रस्‍तुत (सबमिट) का विकल्‍प मौजूद है। कई बार व्‍यक्ति किसी हिस्‍से पर काम करता है और उसे सुरक्षित करके फिर बाद में उस काम पर वापस लौटता है। सुरक्षित करने का ऐसा विकल्‍प शामिल किया जाना चाहिए।

उत्‍तर: सबमिट का विकल्‍प सुरक्षित करने के लिए या अब तक प्रविष्‍ट की गई पूर्ण जानकारी के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। तथापि, एक बार जब आप प्रोसीड बटन पर क्लिक करते हैं तो सूचना गैर-संपादन योग्‍य (नॉन-एडिटेबल) मोड में संकलित हो जाती है।

प्रश्‍न:14 सूचना एक बार प्रस्‍तुत करने के उपरांत बाद की किसी तारीख में उसमें सुधार करने का कोई विकल्‍प मौजूद नहीं है। क्‍या होगा यदि किसी की पासपोर्ट संख्‍या परिवर्तित हो जाती है या एक वर्ष पहले की पूर्ण परियोजना पर कोई अतिरिक्‍त कार्य करता है या परियोजना के कार्यान्‍वयन का प्रकार बाद में पीपीपी से बदल कर ईपीसी हो जाता है या परियोजना की लागत बढ़ जाती है या समय में विस्‍तार हो जाता है आदि।

उत्‍तर: सूचना को प्रोफाइल से बेसिक डिटेल्‍स के विकल्‍प का चयन करके संशोधित किया जा सकता है, अपेक्षित सुधार करके सबमिट पर क्लिक करना है। फिर रिव्‍यू एण्‍ड सबमिट पर क्लिक करके इसका अवलोकन करने के बाद प्रोसीड पर क्लिक करना है। संशोधित विवरण इसी प्रकार देखे भी जा सकते हैं।

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